मिहिका को अधिवीर की हरकत पर गुस्सा भी आ रहा था और शर्म भी। उसके गाल हल्के-से लाल हो जाते हैं। वो अपनी नजरें उठाकर भी किसी को देख नहीं रही थी। सामने उसके भाई, उसके मामा-मामी, ससुर-सास सब खड़े हैं और सबके सामने अधिवीर का उसे खींचकर अपने गोद में बिठा लेना उसे बहुत Embarrassing लग रहा था। वो अपने मन में बोली, ‘बेशर्म आदमी! जब देखो तब मुझे सबके बीच Embarrass करते रहते हैं। हुह!’
मिहिका अधिवीर को राखी बाँधते हुए एक नजर मिहिका को देखती है, फिर अधिवीर को और अब वो मुस्कुराते हुए अधिवीर को राखी बाँधती है। उसके चेहरे पर हल्की-सी शर्मीली मुस्कान थी और उसकी आँखें कुछ पल के लिए अधिवीर के चेहरे पर ठहर जाती हैं।











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