
अधीवीर मिहिका के निप्पल को मसलते हुए बोला, "छुई-मुई, इस दर्द की अब तो आदत डाल लो। अब से हर रात, हर सुबह, हर वक्त जब मैं तुम्हारे करीब आऊँगा, तब-तब तुम्हें ये दर्द सहना पड़ेगा।"
ये कहते हुए वो अब उसके निप्पल को मुँह में भर कर जोर-जोर से सक करने लगता है, जिस पर मिहिका के मुँह से निकलने वाली आहें और कराहें और तेज हो जाती हैं और उसके आँखों के कोनों से आँसू बहने लगते हैं, क्योंकि अधीवीर बहुत वाइल्डली उसके एक ब्रेस्ट को सक कर रहा था और दूसरे को प्रेस कर रहा था, जिसके वजह से मिहिका को बेहद दर्द हो रहा था।











Write a comment ...