
ऑफिस की उस छोटी-सी मीटिंग रूम में अब भी गहरी साँसों और सिसकियों की आवाजें गूँज रही थीं। हल्की रोशनी में डेस्क पर बिखरे कागज और नेहा की बिखरी साँसें—सब कुछ उत्तेजना और तनाव से भरा हुआ था राहुल एक मशहूर डॉक्टर के साथ साथ एक नंबर1 प्लेबॉय,भी है वो नेहा के लगातार इतने देर से इंटीमेट हो रहा था इस वक्त नेहा का एक पैर राहुल के कंधे पर था, और दूसरा पैर उसने कसकर पकड़ा हुआ था। वो तेजी से उसके अंदर-बाहर हो रहा था, हर धक्के के साथ नेहा का शरीर काँप रहा था।
नेहा की साँसें तेज थीं, लेकिन अब दर्द और थकान उस पर हावी हो रही थी। उसने कराहते हुए कहा, "देखिए सर... अब मैं और... आपको और टॉलरेट नहीं कर सकती, अब रुक जाइए, प्लीज!"










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