मौली ने धीरे-धीरे वीर पर बैठना शुरू किया। दोनों ने एक साथ आह भरी, "आह्ह्ह......." मौली धीरे-धीरे ऊपर-नीचे होने लगी, अपने हाथ वीर की छाती पर टिकाए हुए। वीर उसके पेट को सहलाता रहा, कभी उसके ब्रेस्ट@ को दबाता।
रफ्तार बढ़ती गई। मौली अब तेजी से हिल रही थी। उसके बाल उड़ रहे थे, पसीना उसकी गर्दन से बह रहा था। "वीर... और तेज... प्लीज... आह्ह...."








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