अश्विन ईवा को ऐसे छूपता देख अपने चेहरे पर एक डेविल स्माइल लिए गेट की ओर बढ जाता है हालाकि अश्विन समझ चुका था कि इस वक़्त बाहर कौन है जिसे समझ उसकी स्माइल और गहरी हो जाती है क्यूँ कि कही ना कही ईवा को परेशान करने का एक नया तरकीब वो खोज चुका था।
अश्विन ने रिमोट उठाया और एक बटन प्रेस कर गेट खोल दिया तो सामने निहाल था। उसके हाथ में कुछ फाइल्स थीं, और उसके चेहरे पर कड़वाहट और गुस्सा साफ झलक रहा था। वह दाँत पीसते हुए बोला, “ये कुछ फाइल्स हैं। CEO के साइन चाहिए जितनी जल्दी हो सके इसे साइन करके वापस करो ।” उसकी आवाज़ में गुस्सा था और आंखों में एक अपमानजनक भाव, जैसे उसे यहाँ आना काफी शर्मसार कर रहा था और उसके भाव ऐसे थे जैसे वह इस पल को और सहन नहीं कर पा रहा हो। निहाल की आँखें अश्विन को घूर रही थीं, लेकिन वह चुप रहा, वह अपने गुस्से को बहुत मुश्किल से काबू करने की कोशिश कर रहा था।







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