आर्यमन धानी की बात को बीच में ही काटते हुए बोला, "मुझे सब पता होता है, झील। आप कब क्या देखती हैं, क्या सोचती हैं। आपका देखा हर सपना पूरा करना मेरी जिद्द है। आप ये मेहनत की कमाई के पैसों से बनाना चाहती थीं, मेरे dad के पैसों से नहीं। तो ये मैंने दिन-रात मेहनत करके, अपनी मेहनत के पैसों से बनाया है, ना कि dad के पैसों से।"
ये कहते हुए आर्यमन अली को इशारा करता है, तो अली डरते हुए धानी के सामने आकर अपना phone कर देता है, जिसमें कभी आर्य boxing कर रहा था, तो किसी में कुछ बच्चों को boxing सिखा रहा था, तो किसी में वो किसी hotel में chef के कपड़ों में dishes prepare कर रहा था।








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