शादी के मंडप में रौनक तो थी, लेकिन शाशा के दिल पर भारी बोझ था। यश के साथ हुई बात के बाद उसका मन और भी बेचैन हो गया था। उसे कबीर से शादी नहीं करनी थी। वो सिर्फ Yash की wife बनना चाहती थी। फिर भी परिवार के pressure में उसे bridal room में तैयार होने जाना पड़ा। उसके कदम भारी पड़ रहे थे, आंखें नम थीं।
बाहर मंडप के एक शांत कोने में Yash, Komal और Riya कुछ secret बातें कर रहे थे। तीनों के चेहरों पर tension साफ दिख रही थी। तभी शाशा की बुआ वहां आ पहुंचीं।








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