शाशा अपने बिस्तर पर गहरी नींद में सोई हुई थी। उसके चेहरे पर पसीने की बूंदें चमक रही थीं। शरीर बार-बार हल्का-हल्का काँप रहा था। बाहर शांति थी, लेकिन उसके अंदर एक भयानक तूफान उठ रहा था।
यश उसके ठीक सामने खड़ा था। उसकी आँखों में वो खतरनाक आकर्षण था जो शाशा को हमेशा अपनी ओर खींच लेता था।








Write a comment ...