आर्यमन अपनी आँखें कसकर बंद करते हुए बोला, “आखिर क्यों… क्यों, झील? क्यों नहीं दिखता आपको मेरा प्यार? क्यों आपने मेरे प्यार को हवस का नाम दे दिया?”
ये कहते हुए, आर्यमन एक सिगरेट निकाल, अपने होठों से लगाकर सिगरेट के कश भरते हुए बोला—
आर्यमन अपनी आँखें कसकर बंद करते हुए बोला, “आखिर क्यों… क्यों, झील? क्यों नहीं दिखता आपको मेरा प्यार? क्यों आपने मेरे प्यार को हवस का नाम दे दिया?”
ये कहते हुए, आर्यमन एक सिगरेट निकाल, अपने होठों से लगाकर सिगरेट के कश भरते हुए बोला—
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