मौली की बात पर धानी नाराजगी से बोली, “मौली, प्लीज, ऐसे मत बोलो। वो मेरे लिए बहुत important है।”
तभी वहाँ आर्यमन की चहकती आवाज आई, “सच, झील! Thank you, thank you so much, jhil, अपनी इस छिपकली बहन की बातों में ना आने के लिए।” फिर धानी के पास जा, मौली के हाथ को पकड़कर धानी से दूर करते हुए बोला, “कहा ना, दूर रहा करो।” फिर धानी के गोद में सिर को रखते हुए बोला, “Good, very good, jhil, आप समझदार निकली। इस छिपकली के तरह बहुत से लोग मिलेंगे, जो आपको मेरे खिलाफ भड़काने की कोशिश करेंगे, पर आप इसी तरह समझदार बनकर सामने वाले को रिप्लाई करना, ताकि वो दोबारा आपके कान भरने से पहले सौ बार सोचे। बाकी आपको तो पता ही है ना, आपका आर्य कितना भोला-भाला और मासूम है, है ना?”








Write a comment ...