अभ्रक की बात सुन, सुधीर जी के चेहरे के भाव अचानक से बदल जाते हैं। वो अभ्रक को देखते हैं, फिर निशांत को, जो कन्फ्यूजन में उन दोनों को ही देख रहा था। तब सुधीर जी, अभ्रक को देखते हुए बोले, “मुझे लगता है बेटा, हमें अकेले में बात करना चाहिए।”
अभ्रक बोला, “हाँ, जरूर। क्यों नहीं?”








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