अश्विन ने एक last mocking smile दिखाया और मुड़कर चला गया, शोभा को वहीं खड़ी छोड़कर - अकेली, तिरस्कृत और टूटी हुई, आज जो उसके और उसके बेटे के साथ हुआ ये उसे एक ऐसी हार नजर आ रही थी जिस से बेहतर मौत होता उनके लिए। और इस सबका कारण सिर्फ एक है अश्विन बतरा।
शोभा ने खाली बोर्डरूम में देखा, जहाँ कुछ ही देर पहले उसके बेटे का भविष्य तय किया गया था। उसकी आँखों में सिर्फ दर्द ही नहीं, बल्कि एक नई चिंगारी भी थी - एक ऐसी चिंगारी जो सब कुछ तबाह कर देना चाहती हो







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