पार्टी का माहौल अब और गर्म हो चुका था। डांस फ्लोर पर लोग थिरक रहे थे, हँसी-ठिठोली की आवाज़ें चारों तरफ़ गूँज रही थीं। शाशा कबीर के साथ एक slow dance कर रही थी। कबीर का हाथ उसकी कमर पर था, उसकी आँखें शाशा में डूबी हुई थीं। “You look breathtaking tonight,” कबीर ने उसके कान में फुसफुसाया। शाशा ने smile दी, “Thank you… you too.” लेकिन उसका दिमाग कहीं और था।
डांस खत्म होते ही शाशा ने excuse बनाया, “मुझे थोड़ा fresh air चाहिए।” कबीर ने चिंता से पूछा, “Everything okay?” शाशा ने हामी भरी और लॉन के एक quiet corner की ओर बढ़ गई। वहाँ fairy lights की हल्की रोशनी थी, दूर से म्यूजिक की आवाज़ आ रही थी, लेकिन शोर कम था। वो एक bench पर बैठ गई, ग्लास हाथ में घुमाते हुए। उसका दिल confused था – कबीर का genuine love एक तरफ़, यश की dangerous attraction दूसरी तरफ़।








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